छह वर्षों से महंगाई ऊंचे स्तर पर बने रहने के बावजूद फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया
फेडरल रिजर्व ने 27-28 अक्टूबर को हुई FOMC (फेडरल ओपन मार्केट कमेटी) की बैठक के बाद अपनी नीतिगत ब्याज दर को 3.75%–4.00% पर अपरिवर्तित रखा। यह फैसला बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था। इससे पहले सितंबर में ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की गई थी, जो जुलाई 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी थी। हालांकि, ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले पर सभी सदस्य एकमत नहीं थे। कमेटी के 10 सदस्यों ने दरों को अपरिवर्तित रखने का समर्थन किया, जबकि फेड की गवर्नर लिसा कुक और क्लीवलैंड फेड की अध्यक्ष बेथ हैमैक ने ब्याज दर में फिर से 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान किया।
फेड चेयरमैन केविन वॉर्श के अनुसार, अमेरिकी श्रम बाजार अभी भी मजबूत बना हुआ है और अर्थव्यवस्था अच्छी गति से आगे बढ़ रही है। टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश में तेजी ने आर्थिक विकास को सहारा दिया है। हालांकि, महंगाई अभी भी फेड के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। उपभोक्ता कीमतें लगभग छह वर्षों से फेड के 2% के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई हैं। महंगाई को वापस इस लक्ष्य तक लाना केंद्रीय बैंक का प्रमुख दायित्व है।
कमेटी ने यह भी संकेत दिया कि अब वह भविष्य की ब्याज दरों को लेकर पहले से तय दिशा-निर्देशों पर कम निर्भर रहेगी। इसके बजाय, हर बैठक में उपलब्ध नए आर्थिक आंकड़ों और परिस्थितियों का आकलन करके फैसला लिया जाएगा।
वॉर्श ने इस सुझाव को सख्ती से खारिज किया कि फेड मध्यावधि कांग्रेस चुनावों से पहले राजनीतिक दबाव के आगे झुक रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में तनाव के कारण रहने की लागत और पेट्रोल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी मुख्य रूप से अस्थायी है।
फेड ने FOMC की कार्यप्रणाली में बदलाव की भी घोषणा की। 2027 से हर साल होने वाली आठ बैठकों में से एक बैठक लंबी अवधि की रणनीतिक चर्चा के लिए समर्पित होगी, जिसमें ब्याज दरों पर मतदान नहीं होगा। वहीं, 2028 से ऐसी रणनीतिक बैठकों की संख्या बढ़ाकर दो कर दी जाएगी।
बाजारों ने इस फैसले पर सतर्क सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। डॉव जोन्स, S&P 500 और नैस्डैक में लगभग 0.19% से 0.28% तक की बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 5% से ऊपर बनी रही, क्योंकि बाजार को उम्मीद है कि आने वाले लंबे समय तक वित्तीय परिस्थितियां अपेक्षाकृत सख्त बनी रहेंगी।