नेतन्याहू ने संभावित अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल का प्रस्ताव दिया
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संभावित अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से देश की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए डिजिटल करेंसी और ब्लॉकचेन तकनीक के इस्तेमाल का प्रस्ताव दिया है। चैनल 10 को दिए एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को पहले से ही ऐसी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए, जिसमें पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली को प्रतिबंधों का निशाना बनाया जा सकता है। इसके लिए सीमा पार भुगतान के वैकल्पिक माध्यम विकसित करने की जरूरत है। बताया जा रहा है कि उनकी यह चिंता ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा की उन योजनाओं के बाद सामने आई है, जिनके तहत वेस्ट बैंक में स्थित बस्तियों से आयात पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
इस प्रस्ताव का इजरायल के केंद्रीय बैंक (बैंक ऑफ इजरायल) ने कड़ा विरोध किया। बैंक ने स्पष्ट किया कि क्रिप्टो परिसंपत्तियां (Crypto Assets), कॉरेस्पॉन्डेंट बैंकिंग, क्लियरिंग नेटवर्क और संस्थागत निवेशकों के भरोसे का विकल्प नहीं बन सकतीं। केंद्रीय बैंक का कहना है कि वित्तीय लेन-देन के वैकल्पिक रास्ते तलाशने के बजाय अधिकारियों को वैश्विक साझेदारों के साथ संबंध मजबूत करने चाहिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ने से बचना चाहिए। केंद्रीय बैंक के पूर्व गवर्नर जैकब फ्रेंकल और नोबेल पुरस्कार विजेताओं सहित 100 से अधिक अर्थशास्त्रियों ने एक खुले पत्र के माध्यम से इस योजना का विरोध किया। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रतिबंधों की स्थिति में निवेश में गिरावट, बेरोजगारी में वृद्धि और देश की स्थिति दक्षिण अफ्रीका के रंगभेद के दौर, ईरान या रूस जैसी हो सकती है।
प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी के बाद नेसेट (इजरायली संसद) चुनावों से पहले देश की घरेलू राजनीति में भी आलोचना की लहर उठ गई। उनके प्रतिद्वंद्वी और इजरायली सेना (IDF) के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ गादी आइज़ेनकोट ने इस योजना को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया। उनका कहना था कि क्रिप्टोकरेंसी की ओर रुख करने से हाई-टेक सेक्टर का कामकाज ठप हो सकता है और वैश्विक कंपनियां इजरायल में कारोबार करने से हिचक सकती हैं। विपक्ष के नेता यायर लैपिड ने भी इस पहल की आलोचना की।
विशेषज्ञों का मानना है कि टेक्नोलॉजी उद्योग वैश्विक पूंजी बाजार के साथ निर्बाध जुड़ाव पर निर्भर करते हैं। बैंकिंग परिचालन में किसी भी तरह की बाधा अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकती है।